ध्वनि प्रदूषण पर निबंध | noise pollution par Nibandh In Hindi

noise pollution par Nibandh :- हेलो दोस्तों आज मैं आपको ध्वनि प्रदूषण पर निबंध हिंदी में बताऊंगा ध्वनि प्रदूषण के नुकसान क्या क्या है और इसे कैसे सही किया जा सकता है यह सब भी आपको यहीं पर पता चल जाएगा तो चलिए ध्वनि प्रदूषण पर निबंध पढ़ते हैं।

ध्वनि प्रदूषण पर निबंध

ध्वनि प्रदूषण पर निबंध
ध्वनि प्रदूषण पर निबंध

प्रस्तावना

ध्वनि ईश्वर का दिया हुआ बहुत बड़ा उपहार है जिसकी मदद से मनुष्य एक दूसरे से बात कर पाते हैं और पशु पक्षी भी अलग-अलग प्रकार की ध्वनियां निकालते हैं और वह भी आपस में बात करते हैं कुछ ध्वनिया सुनने में बहुत ही अच्छी लगती हैं जैसे कि हम किसी गाने को सुनते हैं तो वह हमें बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता है।

ध्वनि प्रदूषण

अगर यही गाने की आवाज को हम किसी बड़े स्पीकर से बजाते हैं और बहुत ज्यादा तेज बजाते हैं जैसे कि डीजे में बजाया जाता है तो इसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं कुछ लोगों को यह बहुत अच्छा लगता है लेकिन इसके बहुत ज्यादा नुकसान हैं इसलिए हमें ज्यादा ध्वनि प्रदूषण नहीं करना चाहिए।

ध्वनि प्रदूषण के नुकसान

अगर आप ऐसे जगह पर रह रहे हैं जहां पर ध्वनि प्रदूषण बहुत ज्यादा है तो आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि ध्वनि से दिमाग को शांति नहीं मिलती है और इससे हृदय रोग भी बढ़ता है इसलिए हमें ध्वनि प्रदूषण नहीं करना चाहिए। ध्वनि प्रदूषण से आदमी का सुनने की क्षमता कम होती चली जाती है और कहीं-कहीं तो लोग बहरे भी हो जाते हैं

ध्वनि प्रदूषण के प्रकार

ध्वनि प्रदूषण कई तरह से उत्पन्न होता है जैसे कि

तेज गाना बजाना

आजकल किसी भी समारोह में क्या उत्सव पर गाना बजाया जाता है लेकिन यहां पर गाने को बहुत ही ज्यादा तेज बजाया जाता है जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है और वहां पर सैकड़ों हजारों लोग इकट्ठा होते हैं जिससे उन्हें ध्वनि प्रदूषण का सामना करना पड़ता है।

वाहनों से

आधुनिक समय में बहुत सारे वाहन हो चुके हैं जिससे आने जाने में आसानी होती है लेकिन उसमें लगा हॉर्न बहुत ही ज्यादा तेज होता है जिससे सामने वाले व्यक्ति को बहुत ही ज्यादा ध्वनि प्रदूषण का सामना करना पड़ता है कहीं-कहीं तो जब सड़कों पर जाम लगता है तो लोग फालतू में ही हॉर्न बजाते रहते हैं। और जब एक साथ बहुत सारे लोग हॉर्न बजाते हैं तो बहुत ही ज्यादा ध्वनि प्रदूषण होता है।

मशीनों से

कुछ काम को करने के लिए आधुनिक मशीनों की जरूरत होती है जो ईंधन पर चलते हैं लेकिन वह भी बहुत ही ध्वनि प्रदूषण करते हैं ध्वनि प्रदूषण सबसे ज्यादा फैक्ट्रियों में होता है क्योंकि वहां पर एक साथ कई सारे मशीनें चलती हैं जिससे बहुत ही ज्यादा तेजी से ध्वनि प्रदूषण होता है।

ध्वनि प्रदूषण के उपाय

ध्वनि प्रदूषण को कम करने में हमें ही मदद करनी होगी क्योंकि हम लोग ही ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करते हैं जब आप कहीं जा रहे हो तो आप अपने वाहनों से फालतू में ध्वनि प्रदूषण ना उत्पन्न न करें जहां जरूरत हो वहीं पर हॉर्न बजाएं। और अपने वाहनों में ज्यादा शोर करने वाले हॉर्न को ना लगवाएं।

गानों को एक सीमा के अंदर ही बजाएं कुछ लोग गाने को बहुत ही ज्यादा तेज बजाते हैं जिससे ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न होती है तो आपको ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना है आपको एक सीमा में रहकर गाने को बजाना है, कई प्रदेश की सरकार भी अपने शहरों में और प्रदेशों में नए-नए नियम ला रही है ताकि ध्वनि प्रदूषण कम हो सके।

उप संघार (निष्कर्ष)

जिस तरह अभी ध्वनि प्रदूषण हो रहा है ऐसे ही ध्वनि प्रदूषण होता रहा तो आगे चलकर बहुत ही ज्यादा संख्या में लोग बहरे हो सकते हैं और आज के समय में सभी को मानसिक तनाव होता ही है लेकिन लोग को समझ में नहीं आता कि उनका मानसिक तनाव की वजह ध्वनि प्रदूषण भी है, और हृदय रोग तो बहुत ही ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है इसलिए हमें ध्वनि प्रदूषण नहीं करना चाहिए इससे नए-नए रोग उत्पन्न होते हैं। ( ध्वनि प्रदूषण पर निबंध समाप्त) (600 शब्द)

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